कवि कैलाश 'सुमा' की प्रथम पुस्तक "करारी चोट" का हुआ लोकार्पण

( साहित्य के लिए मैं हमेशा समर्पित रहूँगा - कवि कैलाश सुमा )

शाहपुरा न्यूज।  राष्ट्रीय कवि चौपाल, दौसा के तत्वावधान में संस्था के जिला महासचिव प्रजापति कैलाश "सुमा" की कृति "करारी चोट" का लोकार्पण दीपशिखा आईटीआई बसवा रोड, बांदीकुई में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व पुष्प अर्पण कर की गयी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ प्रदेश मुख्य महासचिव अमरसिंह सलावद रहे। विशिष्ट अतिथि ग्राम पंचायत गढ़ी के सरपंच राकेश प्रजापति, दीपशिखा आईटीआई के निदेशक कल्याण सैनी रहे। सारस्वत अतिथि राष्ट्रीय कवि चौपाल के राष्ट्रीयाध्यक्ष कासिम बीकानेरी, संरक्षक वरिष्ठ साहित्यकार रवीन्द्र चतुर्वेदी, सलाहकार वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद बाबूलाल बोहरा 'विज्ञ', आजाद कलम के संरक्षक राजेन्द्र यादव रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लेखक के पिता (सूरजमल) संत श्री सुखमन दास  साहेब द्वारा की गयी।

अतिथियों के द्वारा कैलाश सुमा की प्रथम पुस्तक "करारी चोट"का लोकार्पण किया गया। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथि महानुभावों एवं कवियों को स्मृति चिन्ह,  दुपट्टा, पुस्तक की प्रति एवं माला पहनाकर सम्मान किया गया। विमोचन के अवसर पर साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने लेखक कैलाश सुमा का सम्मान किया जिनमें राष्ट्रीय कवि चौपाल, दौसा द्वारा "चौपाल गौरव सम्मान 2024" से सम्मानित किया गया। साथ ही आजाद कलम, देवगिरी साहित्य एवं शोध संस्थान, दीपशिखा आईटीआई,  संस्कार भारती, एम आर पब्लिक स्कूल आदि संस्था द्वारा अभिनंदन किया गया।

 जिले के कवि एवं कवयित्रियों ने 'करारी चोट' पुस्तक के लेखक ‘सुमा’ का अभिनन्दन करते हुए एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत की।   जिसमें मिमिक्री कलाकार अशोक खेडला ने विभिन्न राजनेताओं की आवाज़ निकालकर कवि सुमा को पुस्तक विमोचन की बधाई प्रेषित की।

पुस्तक की भूमिका लिखने वाले वरिष्ठ साहित्यकार बाबूलाल बोहरा ने कहा कि करारी चोट संग्रह में लेखक ने उच्च कोटि के दोहो का प्रयोग किया है। कवि सदैव ही अपने अनुभूति और रुचि के माध्यम से मर्यादा, परंपरा, प्रचलन, परिवर्तन एवं सामाजिक रूप आदि का यथार्थ चित्रण करने का प्रयास करता है।

 
राष्ट्रीय कवि चौपाल के जिलाध्यक्ष कवि कृष्ण कुमार सैनी ने बताया की जिले सहित प्रदेश के भी साहित्यकार एवं शिक्षाविदों ने सुमा की पुस्तक का लोकार्पण किया।

सचिव कवि दिनेश तूफानी ने बताया कि सुमा की यह पुस्तक राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के द्वारा प्रकाशित की गयी है। इस पुस्तक में सेवा, समर्पण, सदगुण- सदधर्म, गरीबी, अशिक्षा आदि पर करारी चोट करते हुए दोहे है।

क़ासिम बीकानेरी ने पिता के ऊपर बेहतरीन ग़ज़ल प्रस्तुत करते हुए कहा कि ममता का आँचल है पिता....,सलमान सिकंदराबादी, विनोद गौड़, रामबाबू राजस्थानी, सुनीता वर्मा, धर्मेन्द्र कुमार धर्मी, नवल घुनावत, रामेश्वर प्रसाद करुण, सोनू सैनी, लोकेन्द्र भारद्वाज, कुमार जे संतोष, हाक़िम सिंह पावटा, अनोखी बैरवा आदि ने भी एक से बढ़कर एक रचना प्रस्तुत कर खूब वाह वाही लूटी।

इस दौरान सुरेश प्रजापति, अरविन्द, संतोष सैनी, गिर्राज सैनी,...... आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 पुस्तक के लेखक कैलाश सुमा ने सभी पधारे हुए अतिथि एवं कवियों का आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया। मंच संचालन वरिष्ठ साहित्यकार मुकेश गुप्त 'राज' ने किया।